हमीरपुर।हिमाचल शिक्षा क्रांति मंच ने बेरोजगार टीजीटी शिक्षकों  की भर्ती  पर लगे स्‍टे को हटाने  के  लिए हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। मंच के अध्‍यक्ष विजय हीर ने एलान किया कि ये लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।

हीर ने बताया  कि अलग -अलग याचिकाकर्ताओं ने पिछले 2 माह में प्रदेश हाईकोर्ट में टी०ई०टी० परीक्षा 2012  में आयोजन न होने  की दलील देते हुए बैकलॉग व भूतपूर्व सैनिकों के  आश्रितों वाले कोटे की नियुक्ति प्रक्रिया हाईकोर्ट से तब तक रुकवाई है जब तक सितंबर ,2013 के सभी टी०ई०टी० परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं हो जाते

। हीर ने बताया कि सी०टी०ई०टी० का आयोजन हर साल हुआ है यद्यपि इसको प्रदेश में नियुक्तियों के लिए आवश्यक टी०ई०टी० अर्हता के लिए वैध घोषित करने बारे राज्य सरकार ने कदम नहीं उठाए हैं और इस    कारण हर साल की भांति आज आयोजित हो रहे सी०टी०ई०टी० का हवाला देकर इन याचिकाओं को खारिज   किया जा सकता था जबकि टी०ई०टी० के वर्ष 2012में आयोजित न होने के पीछे कई कारण रहे हैं ।

प्रदेश में अधीनस्थ सेवाएँ चयन बोर्ड ने गत वर्ष इस परीक्षा के आयोजन में असमर्थता व्यक्त की थी और इन परीक्षाओं के आयोजन का जिम्‍मा प्रदेश स्‍कूलूल शिक्षा बोर्ड को सौंपने की लंबी प्रक्रिया में हुए विलंब के लिए वे बेरोजगार दोषी नहीं हैं जिन्होने  टी०ई०टी० वर्ष २०11 में ही पास कर रखा है ।

हीर ने कहा 1 सितंबर ,2013 तक आर०टी०ई० एक्‍ट को प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए ये भर्तियां इस समय होना आवश्यक है और टी०ई०टी० में फेल  शिक्षकों टी०ई०टी० पास करने के इंतजार में स्‍कूलों को बिना शिक्षकों के नहीं छोड़ा जा सकता है । इस तरह से टी०ई०टी० आयोजन में बरती गई ढील के लिए बेरोजगार दोषी नहीं हैं और स्‍कूलों में आर०टी०ई० के नियमों की अनुपालना सहित बेरोजगारों के हित में इस वैधानिक लड़ाई में उनका साथ देंगे व 2 दिन के भीतर हाईकोर्ट में इस मामले में 2 याचि·ाएँ बेरोजगार शिक्षकों से दर्ज करवाएँगे 1