शिमला। सिरमौर के कबेल मालिकों से रिश्वत की बड़ी रकम यानी एक लाख रुपए लेते हुए सीबीआइ ने ट्राइ के एक रिसर्च अफसर को रंगे हाथ धर दबोचा है। नरेंद्र सिंह रावत नामक इस अफसर को सीबीआई ने अरेस्ट कर लिया है । रिश्वत मांगने पर सिरमौर के इन केबल मालिकों ने सीबीआइ से संपर्क […]
शिमला। सिरमौर के कबेल मालिकों से रिश्वत की बड़ी रकम यानी एक लाख रुपए लेते हुए सीबीआइ ने ट्राइ के एक रिसर्च अफसर को रंगे हाथ धर दबोचा है। नरेंद्र सिंह रावत नामक इस अफसर को सीबीआई ने अरेस्ट कर लिया है ।
रिश्वत मांगने पर सिरमौर के इन केबल मालिकों ने सीबीआइ से संपर्क किया व पूरा वाक्या उन्हें बताया । सीबीआई ने जाल बिछाया एवं उक्त आरोपी वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी को नई दिल्ली के नरोजी नगर स्थित अपने कार्यालय में शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने एवं स्वीकार करने के दौरान रंगे हाथों पकड़ा।
इसके बाद सीबीआई ने ग्रेटर नोएडा एवं नई दिल्ली स्थित आरोपी के आवासीय एवं कार्यालय परिसरों की तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
सीबीआई ने आरोपी वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी, ट्राई, नई दिल्ली के खिलाफ एक जनवरी 2025 को मामला दर्ज किया। सिरमौर के शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता, जो कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार का लाइसेंस धारक है, से जिला सिरमौर हिमाचल प्रदेश में केबल सेवाएं चलाने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के अन्य 5 लाइसेंस धारक केबल ऑपरेटरों की ओर से नियामक दस्तावेजों यानी हिमाचल प्रदेश के उक्त केबल ऑपरेटरों द्वारा पूर्व में जमा की गई तिमाही निष्पादन निगरानी रिपोर्ट(Quarterly Performance Monitoring Reports) व भविष्य में जमा की जाने वाली रिपोर्ट का आकलन करने में पक्षपात करने व केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को उनके लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश न करने के लिए भी रिश्वत मांगी।
यह भी आरोप है कि ट्राई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उक्त केबल ऑपरेटरों को अपनी तिमाही निष्पादन निगरानी रिपोर्ट उक्त आरोपी को पेश करनी होती है, जो मूल्यांकन या अवलोकन के बाद, यदि कुछ विसंगतियां पाई जाती हैं, तो उनके लाइसेंस को स्वीकार कर लेते हैं या रद्द करने की सिफारिश करते हैं।
अब इस मामले की जांच जारी है।
