शिमला। बीए प्रथम साल की छात्रा के साथ मोबाइल पर अश्‍लील बातें करने वाले जिला के सीमा पीजी कालेज के प्रधानाचार्य ब्रजेश चौहान को आज जयराम सरकार ने निलंबति कर दिया है। उधर,पुलिस की ओर से इसे गिरफताार न करने पर प्रदेया हाईकोर्ट ने इस प्राचार्य को सोमवार तक अंतरिम जमानत दे दी है और जांच में शामिल होने के आदेश दिए है।

पुलिस ने आज पीडि़त छात्रा के रोहड़ू की निचली अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए व इस दौरान पता चला कि छात्रा नाबालिग है तो रोहड़ू पुलिस ने इस प्राचार्य के खिलाफ पोक्‍सो अधिनियम की धारा 11 व 12 के तहत अन्‍य धाराएं जोड़ दी है।

आज रोहड़ू मेंअभिभावकों और छात्रों ने इस प्राचार्य की गिरफतारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया और चिड़गांव की ओर से जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस व प्रशासन की ओर से भरोसा मिलने के बाद यह जाम खुला और धरना समाप्‍त किया गया।

जयराम सरकार के शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने आज चौहान के निलंबन के आदेश जारी कर दिए और इसका मुख्‍यालय राज्‍य शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्‍थान सोलन में निर्धारित कर दिया है।शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि वह सरकार की पूर्व अनुमति के अपना मुख्‍यालय छोड़ कर कहीं नहीं जाएगा व निलंबन के आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए है।
उधर डीएसपी रोहड़ु चमन ने कहा कि आज छात्रा के रोहड़ू की निचली अदालत में सीआरपीसी के धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने इस छात्रा का जन्‍म का प्रमाण पत्र भी हासिल किया व पाया कि यह छात्रा नाबालिग है। अब पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354ए और 354डी के अलावा पोक्‍सो अधिनियम की धारा 11 व 12 भी जोड़ दी है। यह दोनों धाराएं गैर जमाानती है। पुलिस इसकी अंतरिम जमानत का विरोध करेगी।

याद रहे बृजेश चौहान के खिलाफ के खिलाफ महाविद्यालय की यौन प्रताड़ना प्रकोष्‍ठ की सदस्‍यों की शिकायत पर भारतीय दंड संहित की धाार 354ए और 354डी के तहत ममला दर्ज किया गया था। अपनी शिकायत में इन महिला सदस्‍यों ने कहा कि स्‍नातक प्रथम वर्ष की एक छात्रा प्रधानाचार्य के पास छात्रवृति का फार्म भराने गई थी लेकिन प्रधानाचार्य ने इस छात्रा से कहा कि वह उन्‍हें फोन करे व वह फोन पर बता देगा कि फार्म कैसे भरना है।

जब इस छात्रा ने प्रधानाचार्य चौहान को फोन किया तो प्रधानाचार्य इस छात्रा के साथ अभद्र, अश्‍लील और बेहुदगी भरी बातें करने लगा। यही नहीं इस प्राधानाचार्य ने अन्‍य महिला प्राध्‍यापकों को लेकर भीआपतिजनक बातें की। इस छात्रा ने यह तमाम बातें रिकार्ड कर ली और महाविद्यालय की यौन प्रताड़ना प्रकोष्‍ठ को सौंप दी। इसके बाद इस प्रकोष्‍ठ ने तमाम रिकार्डिंग सुनने के बाद प्रधानाचार्य चौहान के खिलाफ मामला दर्ज कराने का फैसला लिया ।