शिमला।जिला के चौपाल पुलिस थाने के तहत 2015 में हुए डब्‍बल मर्डर के एक मामले में अतिरिक्‍त जिला अदालत शिमला ने 33 लोगों को विभिन्‍न धारा के तहत दोषी करार दिया है। इन सभी दोषियों को पुलिस ने गिर फतार कर लिया व उन्‍हें कल यानी 20 दिसंबर को अतिरिक्‍त जिला जज प्रवीण गर्ग की अदालत में पेश कर इनमें से किसे कितनी सजा सुनानी है, इसका एलान किया जाएगा। इस मामले में 34 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है लेकिन एक दोषी की मौत हो चुकी है।

 

ये है मामला

 

चौपाल के गांव टूईल में 2015 में एक शादी थी। गांव के नरबीर सिंह और जिस घर में शादी थी उनके बीच पहले से अनबन थी। कुछ लोगों ने दोनों परिवारों को शादी में इकटठा करने की कोशिश की लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ और नरबीर अपने घर आ गया।

इस बीच जिस घर में शादी थी वहां पर किसी ने पथराव कर दिया। ये लोग नरबीर के घर में घुस गए तो नरबीर ने अपनी गन निकाल ली । छीना झटटी में गन चल गई और बंटू नाम के एक व्‍यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

इससे तमाम लोग उतेजित हो गए और लोगों ने नरबीर सिंह को उसके घर से घसीट लिया व उसे पांच  सौ मीटर तक पीटते हुए नीचे ले गए  और उसकी हत्‍या कर दी। इसके बाद उतेजित लोगों ने नरबीर सिंह के घर को आग के हवाले कर दिया।

 

चौपाल थाने में नरबीर सिंह की पत्‍नी वीरेंद्रा देवी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया।मामले की जांच के दौरान तीन दर्जन से ज्‍यादा लोगों को धारा 302, 326, 436 और दंगा करने जैसी  विभिन्‍न धाराओं के तहत दबोचा  लिया गया।

चूंकि जब ये वारदात हुई तो भीड़ बहुत ज्‍यादा थी ऐसे में हत्‍या किसने की अदालत में ये साबित नहीं हो पाया। अदालत ने 33 आरोपियों को धारा 326  यानी धारदार हथियार से गंभीर चोट पहुंचाने ,धारा 436 यानी मकान को आग के हवाले करने और दंगा करने की धारा के तहत दोषी करार दे कर किसे कितनी सजा देनी है, इसका निर्धारण करने के लिए मामले की सुनवाई 20 दिसंबर, शुक्रवार को तय की है।