शिमला।राजधानी की निचली अदालत ने कांग्रेस नेता युद्ध चंद बैंस को कथित सांप्रददायिक सदभाव बिगाड़ने वाली वीडियो को फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में नियमित जमानत दे दी है।
शिमला पुलिस को इस मामले में पुलिस रिमांड नहीं मिला और पुलिस को अदालत में मुंह की खानी पड़ी।
आज दोपहर बाद पुलिस ने बैंस को एसीजेएम रश्मि डोगरा की अदालत में पेश किया । पुलिस ने दलील दी की बैंस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। इस बीच अदालत में ये भी सामने आया कि शिकायम कर्ता चंबा का और बैंस मंडी का रहने वाला है। ऐसे में दो समुदाय के बीच वैमनस्य कैसे बढ़ सकता था।
पुलिस की ओर से दलील दी गई कि शिकायत कर्ता शिमला में रहता है लेकिन अदालत ने सवाल किया शिकायत में शिकायत कर्ता का पता चंबा के चुराह का लिखा गया है। ऐसे में अदालत में पुलिस की पूरी कहानी कमजोर पड़ती गई और अदालत ने आखिर में बैंस को नियमित जमानत दे दी।
इस बीच बैंस के वकीलों की ओर से अदालत में उस वीडियो को चलाया गया जिसको आधार बनाकर चंबा के यासीन भटट नामक युवक ने बालूगंज थाना में एफआइआर कराई थी।
भटट ने अपनी शिकायत में कहा था कि बैंस ने मंदिर के सामने खड़े हो कर ये वीडियो बनाई है। इसमें हिंदू- मुस्लिम पक्षों के बीच वैमनस्य पैदा होने की संभावना है।
इसके अलावा ये भी लिखा था कि इन दिनों राजधानी में समर फेस्टिवल चल रहा है जहां पर लागों का आना जाना चला हुआ है। ऐसे में ऐसे वीडियो की वजह से समाज में वैमनस्य पैदा हो सकता है।
लेकिन अदालत ने शिकायत में लगाए इल्जामों को गंभीर नहीं माना और ज्यादा तरजीह नहीं दी।
उधर,जिस तरह से शिकायत की गई है व उसकी पठकथा किसने लिखी व किस मंशा से लिखी थी,इसकी पड़ताल शुरू हो गई है।संभवत: आने वाले दिनों में कुछ खुलासा हो।
उधर,जमानत पर छूटने के बाद बैंस ने कहा कि उनके खिलाफ दो दिनों में दो-दो एफआइआर कर दी गई व अरेस्ट भी कर दिया गया । लेकिन उल्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वो जांच में हर तरह का सहयोग करेंगे।
उधर, महत्वपूर्ण ये है कि पुलिस ने बैंस के मोबाइल को अपने पास रख लिया है।
याद रहे बैंस लंबे अरसे से मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ कई तरह के इल्जाम लगाते रहे है। विजीलेंस ने उनके खिलाफ केसीसी बैंक कर्ज मामले में एफआाइआर दर्ज भी की थी लेकिन कर्ज मंजूर करने वाले जिस बोर्ड के अध्यक्ष यानी भाजपा सांसद राजीव भारदवाज से कभी पूछताछ ही नहीं की थी। इस मामले में बैंस को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है।
आज सुबह ही पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से बैंस के खिलाफ दर्ज कराई एफआइआर में भी अंतरिम जमानत मिल गई थी।
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