पटना। विजय दशमी के पर्व पर शायद यह पहली बार  हुआ कि रावण मरा हो या न मरा हो लेकिन पटना के गांधी मैदान में भगदड़ से मासूम बच्‍चे और महिलाएं जरूर दर्दनाक  मौत के आगोश में समा  गई। रावण दहन के  बाद मची भगदड़  में करीब 35 के करीब  लोगों की मौत हो गई है ।दर्जनों घायल हुए है।

पटना के गांधी मैदान में शुक्रवार शाम को करीब छह बजे  रावण का पुतला जलाया गया। इस मौके पव हजारों की तादाद में लोग एकत्रितहुए थे। मौके पर  बिहार केमुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी मौजूद  थे। तभी मेले  से लौटते हुए भीड़ एक ही दरवाजे की ओर बढ़ने लगी और भीड़ का दबाव एक तरफ की ओर ही हो गया।

सूत्रों के मुताबिक इसीबीच कोई  तार भीड़ के बीच जा गिरा।लोगों ने सोचा कि ये बिजली का तार है।बस देखते ही देखते भगदड़ मच गई और महिलाएं, बच्‍चेंऔर पुरुष भगदड़ की चपेट मेंआगए। करीब 20 महिलाओं की  मौत हो गई है। दर्जन  भर बच्‍चे मौत के आगोश में समा गएहै बाकी पुरुष की लाशें मिली है।

 

प्रशासन ने घायलों को पटना के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया है जहां, उनका  इलाज चल रहा है। कइयों की स्थिति बेहम नाजुक है।

उधर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  घायलों और मृतकों के परिजनों को राहत राशि देने का एलान किया है। कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने भी हादसे पर शोक  जताया है।

कहा जा रहा है कि वापसी के दौरान प्रशासन ने एक ही गेट खोला,जबकि सारे गेट खोले जाने चाहिए  थे।इसलिए ज्‍यादा मौतें हुइ्रं है।फिलहाल राज्‍य सरकार ने  जांच के आदेश दे दिए है।