धर्मशाला। एचपीसीए घोटाले में अदालत ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और उनके पिता व प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल समेत 16 आरोपियों को 27 अक्‍तूबर को अदालत में व्‍यक्तिगत तौर पर हाजिर रहने के आदेश दिए है। इस दिन धूमल व अनुराग समेत सभी को इस इस घोटाले में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों को जमानत होगी।एचपीसीए मामले में विजीलेंस  की ओर से दर्ज पहली एफआईआर में विजीलेंस  ने अप्रैल में चालान पेश किया था। उसके बाद से लेकर अब तक इस मामले की सुनवाई पहली बार हुई है।

विजीलेंस ने अनुराग ठाकुर की हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को बतौर मुख्‍यमंत्री उनके पिता प्रेम कुमार धूमल की भाजपा सरकार की ओर से नियमों को ताक पर रखकर जमीन आवंटित करने का आरोप  है।मामले में अतिरिक्‍त मुख्‍य  सचिव दीपक सानन और एचएएस अफसर अजय शर्मा को हाजिर होने के लिए नहीं कहा गया है।इनकी प्रॉस्क्यिूशन सेंकशन नहीं आई है।

स्‍पेशल जज के के शर्मा  ने एचपीसीए घोटाले के सभी आरोपियों  को 27 अक्‍तूबर कोअदालत में हाजिर होने केलिए सम्‍मन जारी किए है।

वीरभद्र सिंह सरकार  ने 2अप्रैल को अनुराग व धूमल  के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी प्रदान की थी।धूमल पर अपने बेटे  अनुराग की एचपीसीए को जमीन आवंटित कर लाभ  पहुंचाने  का आरोप है। उनके खिलाफ ये भी आरोप है कि जिस केबिनेट बैठक में एचपीसीए को जीमन आवंटित करने का फैसला लिया गया था उस बैठक की अध्‍यक्षता बतौर मुख्‍यमंत्री खुद धूमल ने की थी।विजीलेंस ने इस मामले में भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13/2 के अलावा आईपीसी की विभिन्‍न धाराएं लगा रखी है।

धूमल सरकार में राजस्‍व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर थे जो रिश्‍ते में अनुराग के ससुर लगते है।एचपीसीए  ने धर्मशाला में अंतराष्‍ट्रीय  स्‍टेडियम बनाया था लेकिन इसके लिए जमीन आवंटन में नियमों का उल्‍ल्‍ंघन किया गया। इस तरह का खुलासा विजीलेंस की जांच में हो रखाहै। एचपीसीए कोलेकर विजीलेंस ने तीन एफआईआर दर्ज कररखी है। जिनमें से केवल एक में ही चालान पेश किया गया है।दूसरे मामले में मामला सरकार व विजीलेंस मुख्‍यालय के स्‍तर पर लटका हुआ है।

मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद प्रदेश के आईपीएस और आईएएस अफसरों ने  इन मामलों की चाल धीमी कर दी है।धूमल परिवार ने भाजपा को साथ लेकर वीबीएस रिश्‍वत मामले में मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ जबरदस्‍त मोर्चा खोला हुआ है। धमल और अनुराग ने  दस सतिंबर के बाद वीरभद्र सिंह के कई ओर कारनामों को खुलासा करने का एलान कर रखा है।