शिमला। उप मुख्‍यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में आज चार बजे हुई JOAIT Post Code 817 का रिजल्‍ट घोषित करने को लेकर हुई बैठक में इस मामले में सात आरोपियों को छोड़ कर  बाकी 18 सौ ज्‍यादा युवाओं  की भर्ती को हरी झंडी  की सिफारिश की है। कैबिनेट बैठक के बाद आज इस मामले में कानूनी पहलुओं पर मंथन करन के लिए मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में कैबिनेट की उप समिति की बैठक हुई। बैठक में राजस्‍व मंत्री जगत सिंह नेगी,उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह और आयुष मंत्री यादविंदर गोमा  शामिल हुए। करीब एक घंटे के भीतर उप समिति ने फैसला ले लिया।

समिति ने कहा कि जो सात अभ्‍यर्थी  इस मामले में विजीलेंस के चंगुल में फंसे है उनके अलावा बाकी तमाम 1800 से ज्‍यादा युवाओं को नौकरी दे दी जाएंगी।  इन सात अभ्‍यर्थियों पर विजीलेंस ने एफआइआर की हुई हैं।इन सिफारिशों को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

उप मुख्‍यमंत्री अग्निहोत्री ने कहा कि उप समिति की ओर से दी गई सिफारिशों से लंबे समय से भूक्ष हउ़ताल पर बैठे युवाओं के लिए राहत मिलेंगी।

उन्‍होंने कहा कि इस पोस्‍ट कोड में दो लाख से ज्‍यादा  युवाओं ने परीक्षा दी थी। याद रहे कि इस बावत सरकार के विधिविभाग ने पहले ही कानूनी राय दे दी थी कि जिन सात अभ्‍यर्थियों  के खिलाफ एफआइआर दर्ज है  उनका रिजल्‍ट नहीं निकाला जाएगा व सात पद भी ऐसे ही रखे जाएंगे।

याद  रहे उप मुख्‍यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्‍नी सिम्‍मी अग्निहोत्री का अचानक निधन हो गया था। इसलिए समिति की बैठक नहीं हो पाई थी। अब जैसे ही कामकाज पर लौटे  बैठक कर सिफारिश कर दी गई हैं।