शिमला। पावर कारपोरेशन के दिवंगत चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत की जांच कर रही शिमला पुलिस ने खुलासा किया है एक अप्रैल 2024 से 10 मार्च जिस दिन नेगी लापता हुए थे तक पावर कार पोरेशन के निदेशक इलेक्ट्रिकल देशराज ने नेगी को उनके दोनों मोबाइल नंबरों पर 463 काल्स किए थे। इसके अलावा दूसरे आरोपी तत्कालीन एमडी आइएएस हरिकेश मीणा ने 7 और इस मामले में तीसरे आरोपी निदेशक प्रशासनिक आइएएस शिवम प्रताप सिंह ने 53 बार काल्स की थी।
पुलिस ने ये खुलासा हाईकोर्ट में दो मई को दायर अपनी स्टेटस रपट में किया हैं। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान जांच टीम ने दिवंगत विमल नेगी के फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो इसमें ये पाया गया हैं।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपी देशराज और हरिकेश मीणा के मोबाइल भी जब्त कर लिए है व उन्हें फारेसिंक जांच के लिए एसएफएल जुन्गा के लिए जांच के लिए भेज दिया है। ताकि विगल नेगी की मौत के पीछे की किसी तरह की साजिश का पता लगाया जा सके। गौर हो कि स्टेटस रपट में शिवम प्रताप सिंह का मोबाइल भी जब्त किया है, इस बावत कोई उल्लेख नहीं किया गया हैं।
इसके अलावा जांच के दौरान जब्त किए गए कई इलेक्ट्रिॉनिक उपकरणों को भी एसएफएल जुन्गा को भेजा गया है और रपट का इंतजार हैं।
विमल नेगी का मोबाइल अभी भी हाथ नहीं लगा
पुलिस को जांच के दौरान विमल नेगी का मोबाइल फोन अभी हाथ नहीं लगा हैं। स्टेटस रपट में दावा किया गया है कि पुलिस इस मोबाइल फोन का पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है ताकि कोई पुख्ता सबूत मिल सके। यही नहीं मोबाइल फोन की तलाश में गोताखोरों की मदद भी ली गई लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
दो मई को आइएएस हरिकेश मीणा की जमानत याचिका पर प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और मीणा की अंतरिम जमानत को अदालत ने 15 मई तक बढ़ा दिया हैं। उधर पुलिस की ओर से दायर स्टेटस रपट पर विचार करने के लिए अदालत ने 15 मई की तिथि निर्धारित की हैं।
स्टेटस रपट में और भी कई कुछ है, इसका विवरण अगली रपट में ।
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