शिमला। 16 वित आयोग की ओर से हिमाचल प्रदेश के लिए आरडीजी यानी राजस्व घाटा अनुदान खत्म करने पर सरकार में तो कोहराम मचा ही है सोशल मीडिया में भी हाहाकार मच गया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने विधायकों,मंत्रियों के टीएडीए,टेलीफोन भते बंद करने को लेकर आग लगा दी है। इसके अलावा सुक्खू सरकार की ओेर से खड़ी कर दी गई चहेते चेयरमैनों-एडवाइजरों के तुरंत इस्तीफे लेने की मांग और फिजूलखर्ची रोकने की हिमायत की है।
सोशल मीडिया पर इतना गुस्सा केंद्र सरकार और 16वें वितायोग पर नहीं फूटा है जितना सुक्खू सरकार व नेताओं और नौकरशाहों की जुंडली के खिलाफ और मची लूट को लेकर फूट रहा है।
हिमाचल बहुजन महाशक्ति एकता समाज मंच के प्रदेश संयोज कर्मचंद भाटिया ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक वितीय संकट के चलते विधायकों,मंत्रियोंके टीएडीए टेलीफोन भते और अन्य तमाम भतों को बंद कर दिया जाए। तमाम चेयरमैनों,वायस चेयरमैनों और एडवाइजरों के लिए इस्तीफे लिए जाए।
करोड़ों रुपयों की जो चमचमाती गाडियों खरीदी गई है सरकार उसका हिसाब दें । इसके अलावा भी सोशल मीडिया पर सरकार की ओर से सरकारी खजाने को चहेतों पर लुटाने को लेकर खूब गुस्सा जगजाहिर हुआ है।
सोशल मीडिया फेसबुक पर सचिव गोयल ने लिखा कि ” मित्रों पर तुम लुटाओ और पैसे केंद्र दे,वाह भाई वाह क्या लाजिक है”।हरी सरना वर्मा ने पोस्ट डाली है ”और बढ़ाओं,नेताओं,चेयरमैनों की तनख्वाह और अफसरों की सुविधाएं”।किसी अजय परमार ने पोस्ट डाली है कि ” अब जनता की याद आ रही है, 3 साल तो मित्रों को फायदा दिया, तब जनता की याद नहीं आई।” राम दास शर्मा ने पोस्ट डाली कि ”खुद की फेसिलेटी बंद करो। क्यों ले रहो 3,4,5 पेंशंस, लूट तो आप लोग रहे हो हिमाचल को । पार्टी चाहे कोई भी हो,शर्म करो”।
ऊषा राणा ने पोस्ट डाली कि ” केंद्र सरकार ने आपका ठेका ले रखा है आपको पैसे भेज रहे हैं और आप मित्र मंडली के साथ मौज मनाते है।”बेग राम ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि ” सुक्खू जी ने तो चंडीगढ़ से एकवोकेट बुलाकर हिमाचल में ला दिए हैं क्या हिमाचल में कोई एडवोकेट नहीं थे।”
निशा देवी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ” बेसहारा लोगों की मुख्यमंत्री सहारा योजना भी छीन ली और एमएलए के लिए साठ-साठ लाख की गाडि़यों के लिए पैसे हैं।”
नवीन शर्मा ने पोस्ट डाली कि”’ पेंशन,भते बढ़ी हुई तनख्वाह और नई’नई महंगी गाडि़यों को छोड़ों,अफसरशाही के खर्चों पर लगाम लगाओ। पूरे प्रदेश में 87 एडिशनल एडवोकेट जनरल लगाने की क्या जरूरत थी”।
निशांत ठाकुर ने पोस्ट डाली कि” एक्सटेंशन केंसिल करो सबकी। 5000 अफसर रखे है पेंशन भी दे रहे है और सेलरी भी”।सुरेंद्र पाप्टा काकू ने लंबी पोस्ट डाली है व लिखा कि ” तमाम कामों में कमिशनखोरी हो रही है। प्रदेश आर्थिक ही नहीं प्रशासनिक,नैतिक और न्यायिक संकट से भी गुजर रहा है।सरकारी खरीद,ठेका व्यवस्था और विकास कार्यों में कमीशनखोरी स्थापित सच्चाई बन चुकी है। विकास कार्यों को कमीशन देकर पास कराया जाता है।घटिया सामाग्री की आपूर्ति हो रही है। माप पुस्तिकाएं और गुणवता प्रमाण पत्र धन के बल पर तैयार किए जाते हैं”।
मदन कश्यप ने लिया कि ” जो भी हो, लड़ाई लड़नी पड़ेगी, बिना लड़ाई लड़े कुछ नहीं मिलेगा। निकलो घरों से बाहर”।
प्रकाश चंद पे पोस्ट डाली है कि ” सबसे पहले अपना उड़न खटोला बंद करो सीएम साहब ,36 करोड़ खर्चा है साल का ।छोटी वाली अपनी ऑल्टो में आया जाया करो। आप मुखिया है अपने आप शुरूआत करो सुक्खू साहब”।नियाम गुलेरिया ने लिखा कि ” ये भेदभाव केंद्र का ठीक नहीं हैं।”
इंजीनियर विजय कौशल ने लिखा कि” रॉयल्टी भी पावर सेक्टर चाहिए,बेचना भी पावर सेक्टर है और ओपीएस में उन्हें दूर-दूर तक नहीं रखा हैं”।
रोहन ठाकुर ने लिखा कि ” सरकार को अपने सभी चेयरमैन और विधायकों की तन्ख्वाह और पेंशन खत्म कर देनी चाहिए क्यों ये सब पब्लिक मनी है।ये राजनीति में सेवा करने आए हैं इनको वेतन-भते,कोठियों व गाडि़यों की क्या जरूरत है। यदि सरकार ये कदम उठाए तो प्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी हो जाएंगी।”
सोहन नेगी ने लिखा कि” पांच सलाहकार रखे हैं,वो क्या सलाह देते है। महीने का 40 लाख का खर्च है उनका…..”।
सोशल मीडिया पर इस तरह कोहराम मचा हुआ है।अब सरकार होश में आएंगी या नहीं ये देखना है।बहरहाल, अभी तो एक्सटेंशन और रिइम्प्लाइमेंट की सुक्खू सरकार ने धूम मचा रखी है। वो पहले ऐसे मुख्यमंत्री है जिनने पूर्व पूर्व मुख्य सचिव को सेवा विस्तार दिया। रिटायर वरिष्ठ आइएएस व एचएएस अफसरों को लाखों के वेतन पर सलाहकार बनाया है और न जाने क्या-क्या किया है, उसका ब्योरा फिर कभी। आज तो लोगों की भावनाओं का गुब्बार जो उबल पड़ा उसकी छोटी सी झलक।
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