शिमला। जयराम मंत्रिमंडल ने शराब की बिक्री पर अतिरिक्त लाइसेंस फीस यानि कोविड सेस लगाने का फैसला लेकर प्रदेश में शराबकी बोतल पांच से पच्चीस रुपए तक महंगी करदी है।शुल्क लगा कर देसी शराब की बोतल अब पांच रुपए मंहगी कर दी है।
आइएमएफएल की प्रति बोतल पर 10 रुपये, भारत में निर्मित बीयर प्रति बोतल व कैन पर पांच रुपये, विदेश से आयातित शराब की प्रति बोतल पर 25 रुपये, बीयर, आरटीडी,बीआईओ प्रति बोतल व कैन पर 10 रुपये, भारतीय वाइन साइडर की प्रति बोतल पर 10 रुपये और वाइन या साइडर बीआईओ की प्रति बोतल पर 25 रुपये कोविड सेस लगाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि स्वच्छता उत्पादों को बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाली सभी प्रकार की स्पिरिट पर उत्पाद शुल्क 10.50 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति बल्क लीटर किया जाएगा।ऐसे में अब सेनेटाइजर आदि भी महंगे हो जाएंगे।
यही नहीं मंत्रिमण्डल ने कर्फ्यू छूट अवधि को पांच घंटे से बढ़ाकर सात घंटे करने को भी मंजूरी प्रदान की।
कोविड-19 आर्थिक पुनरुत्थान के लिए गठित मंत्रिमण्डल उप समिति ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों को जुटाने और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग के लिए अपनी सिफारिशों केको मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया।
उप समिति ने यह भी सिफारिश की बाहरी राज्यों से लौटे हिमाचलियों से उनके कौशल योग्यता की जानकारी ली जाए और इसे राज्य के श्रम एवं रोजगार और उद्योग विभाग के साथ साझा किया जाए ताकि उनकी योग्यता को उपलब्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सके।
मंत्रिमण्डल ने आगामी कृषि और बागवानी फसलों की कटाई के दृष्टिगत उपाय भी सुझाए।
मंत्रिमण्डल उप समिति ने खनन कार्यों के कारण राजस्व क्षति को कम करने और फोरेस्ट क्लीयरेंस में तेजी लाने की सिफारिश भी की।
शहरी स्थानीय निकाय में प्रत्येक घर में 120 दिन का अकुशल रोजगार गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और मजदूरी का कार्य करने वालों को कौशल श्रम प्रदान कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सब्सिडी से जुड़ी क्रेडिट और एंटरप्रेंयुरशिप प्रशिक्षण के लिए मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना को सहमति प्रदान की। इससे शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इस महत्वकांक्षी योजना के तहत 25.20 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।
प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और रोजगार की संभावनाओं को सृजित करने के लिए मंत्रिमंडल ने जिला सोलन के वाकनाघाट में एडीबी कार्यक्रम के तहत पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्रों सहित सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विशेष केन्द्र स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की। इससे उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को अन्तरराष्ट्रीय परिदृश्य में उनके शैक्षणिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव को मजबूती मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
मंत्रिमण्डल ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और सरकारी उपक्रमों, बोर्ड, विश्वविद्यालय इत्यादि के कर्मचारियों से एचपीएसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया।
नहीं चलेंगी सरकारी व निजी बसें
प्रदेश में कोरोना विषाणु के ताजा मामले आने के बाद अब परिहवन निगम व निजी बस सेवाओं को चलाने का फैसला टाल दिया हे। तीन मई को जब पूर्णबंदी की अवधि को बढ़ाया गया था तो तय किया गया था कि एक स्पताह तक अगर पाजिटिव मामले नहीं आए तो कुछ फीसद बसें चला दी जाएंगे। लेकिन आज की मंत्रिमंडल की बैठक बसें न चलाने का फैसला लिया गया । बैठक में कहा गया है कि ताजा मामलों के आने के बाद को जोखिम नहीं उठाया जाना चाहिए।परिवहन मंत्री गोबिंद ठाकुर ने कहा कि फिलहाल बसें नहीं चलाई जा रही है।
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