शिमला। राज्यसभा चुनावों में खरीद फरोख्त को लेकर शिमला पुलिस की ओर से दर्ज एफआइआर की जांच को लेकर हाईकोर्ट में दायर स्टेटस रपट में दावा किया है कि आजाद विधायक आशीष शर्मा ने विधायक रहते हुए illegal gratification की बात को स्वीकार कर लिया हैं।
अदालत में पुलिस के दावे को आशीष के वकीलों ने पूरी तरह से नकार दिया। उनकी ओर से पैरवी कर रहे कहा कि अगर कोई लेन देन हुआ है तो उसे अदालत के समक्ष लाया जाए। अदालत में यह भी कहा गया कि जिन दो कांग्रेस विधायकों की ओर से बालूगंज थाने में एफआइआर दर्ज की गई उसे इन विधायकों ने किसी संदेशवाहक को थाने में भेजा व उसके बाद ये एफआइआर दर्ज की गई हैं।इस पर पुलिस की ओर से कहा गया कि मामले की जांच जारी है और अभी बहुत कुछ खंगाला जाना हैं।
हालांकि इस बावत आशीष शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनसे पूछताछ ही नहीं हुई है। पुलिस सरासर झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि वह मानहानि का दावा करेंगे व जो इस खबर को छापेंगे उन पर भी मानहानि का मुकदमा करेंगे। होटल के बिल फार्मा कंपनी की ओर से दिए जाने पर आशीष शर्मा ने कहा कि कि क्या किसी के यार दोस्त बिल नहीं दे सकते। वह पहली बार थोडे ही वह फाइव स्टार होटल में रहे हैं। वह तो पहले भी हमेशा ही फाइव स्टार होटलों में ठहरतें थे। इसके अलावा हैलीकाप्टर ढाई हजार का किराया लगता हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस के पास कुछ नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि ये सरकार दो महीने बाद ही गिर जाएंगी।
इसके अलावा पूर्व आइएएस अधिकारी व उतराखंड में रहे मुख्य सचिव व गगरेट से अयोग्य ठहराए गए विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा को लेकर पुलिस ने अदालत में कहा कि वह आतमहत्या करने की धमकी देता है और दावा कर रहा है कि दो महीने के भीतर सरकार गिर जाएंगे। इसके अलावा वह अफसरों को अपने पूर्व मुख्यसचिव होने का रौब भी दिखाता है और उनको धमकाता हैं। हाईकोर्ट में महाधिवक्ता अनूप रतन ने इस बावत कहा कि सरकार की ओर से सब तथ्य अदालत में रख दिए गए और कहा गया कि ये दोनों ही जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि ये दोनों ही प्रभावशाली व्यक्ति है।इसलिए ये सबूतों व गवाहों को नष्ट व प्रभावित कर सकते है। इसलिए इनकी अग्रमि जमानत को नामंजूर कर लिया जाए ताकि सरकार को गिराने की साजिश व हुए लेनदेन का पर्दाफाश किया जा सके।
हलांकि अग्रिम जमानत खारिज करने की पुलिस की दलील को एकल जज न्यायमूर्ति रंजन शर्मा ने नामंजूर कर दिया और पुलिस से अगली सुनवाई पर ताजा स्टेटस रपट दायर करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरोपियों आजाद विधायक आशीष शर्मा और पूर्व आइएएस राकेश शर्मा को नियमित जांच देने से भी इंकार कर दिया लेकिन अग्रिम जमानत को अगली सुनवाई तक जारी रखा। अदालत ने इन दोनों को जांच में सहयोग देने के निर्देश दिए है। मामले में अगली सुनवाई 26 अप्रैल को तय की हैं।
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