शिमला। कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अमित शाह –नडडा की भाजपा ने खेला करते हुए कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी व देश के नामी वकील अभिषेक मनु सिंघवी को ड्रा के जरिए हरा दिया। अभिषेक मनु सिंघवी की हार के साथ ही प्रदेश की सुक्खू सरकार भी खतरे में आ गई हैं। कांग्रेस के छह विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रास वोटिंग कर सुक्खू व सिंघवी दोनों की राजनीति नैया डूबोने का काम दिया। क्रास वोटिंग के बाद कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, चैतन्य शर्मा, इंदर दत लखनपाल और देविंदर भूटटो हरियाणा पुलिस और सीआरपीएफ की सुरक्षा में पंचकूला चले गए।
इनके साथ आजाद विधायकों के एल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा ने भी सिंघवी के खिलाफ वोट और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन को जीताने के कगार पर ले आए। वोटिंग के बाद जब मतगणना हुई दो सिंघवी व महाजन दोनों को बराबर –बराबर 34-34 मत पड़े । इसके बाद ड्रा किया गया और महाजन की जीत पक्क्की हो गई।
बहुमत होने के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू कांग्रेस प्रत्याशी को जीताने में नाकाम हो गए और अब उनकी सरकार पर ही खतरा मंडरा गया हैं। कल बजट पास होना है। अगर बजट पास नहीं हुआ और मतदान के दौरान वित विधेयक गिर गया तो सुक्खू सरकार का गिरना तय हैं।
इसके लिए जयराम ठाकुर ने आज शाम विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से मुलाकात कर मत विभाजन की मांग कर डाली हैं। जयराम ने इसके अलावा आज दोपहर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफा मांग दिया हैं। लेकिन असल मसला यह है कि अगर सरकार अल्पमत में आती है तो वह तभी आ सकती है जब कांग्रेस विधायक वित विधेयक के खिलाफ मत देंगे।
ऐसे में प्रदेश के सामने संवैधानिक संकट खड़ा हो जाएगा।
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