शिमला।हिमाचल की वीरभद्र सिंह सरकार में तैनात 1982 बैच के आईएएस अफसर विनीत चौधरी  के खिलाफ विभिन्‍न वितीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग करने के मामले में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने मेजर पेनल्‍टी  लगाने को मंजूरी प्रदान की है।ये खुलासा एम्‍स से चीफ विजीलेंस अफसर के पद से हटाए जाने से पहले आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी ने वीरभद्र सिंह सरकार को भेजे चौधरी  के विजीलेंस प्रोफाइल में  किया है।ये चिट्ठी सरकार के पास 25 अगस्‍त को पहुंची है ।

चतुर्वेदी  की ओर से 16 अगस्‍त को प्रदेश के मुख्‍य सचिव के नाम लिख चिट्ठी में लिखा है कि सीबीआई ने 1 जनवरी 2014 को विनीत चौधरी के ख्‍िालाफ  बी एस आनंद नामक एसई को अवैध तौर पर सेवा विस्‍तार देने के मामले में जांच  शुरू  की थी।इस मामले में चौधरी ने जो उस समय एम्‍स में उप निदेशक प्रशासन थे ने गलत तथ्‍य पेश किए और बी एस अानंद को अनुचित लाभ दिया।

सीबीआई  के एंटी क्रप्‍शन ब्रांच नई दिल्‍ली के एसपी की मंजूरी के बाद 2012 में एक सूची बनाई गई थी जिसमें विनीत चौधरी का नाम भी था। उनका नाम संदेहास्‍पद व्‍यवहार और क्रप्‍शन एंगल को लेकर था।2009 से 2010 में भारत सरकार  के निर्देशों और जीएफआर 2005 के प्रावधानों का उल्‍ल्‍ांघन करते हुए खरीद की थी जिससे संस्‍थान को नुकसान हुआ।जिसके चलते स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने उनके ख्‍िालाफ अनुशासनात्‍मक कार्यवाई चलाने की मंजूरी दी थी।इससे पहले 2009 में हैदराबाद सीबीआई ने विनीत चौधरी के ख्‍िालाफ मेजर पेनाल्‍टी लगाने की सिफारिश की थी।

संजीव चतुर्वेदी को उनके पद से हटा दिया गया है और बीते दिनों दिल्‍ली मे  आम आदमी पार्टी  के कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि चतुर्वेदी को   केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री  हर्शवर्धन ने भाजपा के  राष्‍ट्रीय  महासिचव जगत प्रकाश नडडा  के इशारों पर हटाया। अगर चतुर्वेदी हट जाते है तो चौधरी के खिलाफ मामले आगे बढ़ाने वाला  कोई नहीं होगा और विनीत चौधरी का हिमाचल प्रदेश का मुख्‍य सचिव बनने का रास्‍ता साफ  हो जाएगा। इस पर हर्ष वर्धन  ने  सफाई दी थी कि चतुर्वेदी  की नियुक्‍ति एम्‍स एक्‍ट के प्रावधानों के ख्‍िालाफ हुई थी। इस जबिक उनकी नियुक्‍ति को उनसे पहले रहे मंत्री और संसद की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की स्‍टैंडिंग कमेटी  सही ठहरा चुकी है।

यहां यह उल्‍लेखनीय है कि हिमाचल में 1998 से 2003 में रही भाजपा हिविकां गठबंधन सरकार में  जे पी नडडा स्‍वस्‍थ्‍य मंत्री  थे तो उस समय चौधरी सचिव स्‍वास्‍थ्‍य थे। बताया जाता है तभी से दोनों के बीच नजदीकियां है।