शिमला। अदाणी समूह की कंपनी की ओर से दाडला में अंबुजा सीमेंट च बरमाणा में एसीसी के सीमेंट कारखाने में तालाबंदी करने को साजिश करार देते हुए इसे विकास परिषद बाघल –ग्याणा ने इसे ट्रक आपरेटरों व किसानों को कुचलने का प्रयास करार दिया है। परिषद के कानूनी सलाहकार नंद लाल चौहान ने अदाणी समूह […]
शिमला। अदाणी समूह की कंपनी की ओर से दाडला में अंबुजा सीमेंट च बरमाणा में एसीसी के सीमेंट कारखाने में तालाबंदी करने को साजिश करार देते हुए इसे विकास परिषद बाघल –ग्याणा ने इसे ट्रक आपरेटरों व किसानों को कुचलने का प्रयास करार दिया है।
परिषद के कानूनी सलाहकार नंद लाल चौहान ने अदाणी समूह के इस कदम का विरोध करते हुए इल्जाम लगाया कि अदाणी समूह ट्रक आपरेटरों और किसानों के बीच की एकता को छिन्न भिन्न करने का असफल प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने ट्रक आपरेटरों व किसानों की मांगों को समर्थन देने का एलान किया हैं।
उन्होंने कहा कि परिषद ने पहले की सरकार के समक्ष 22 मागों का एक ज्ञापन अप्रैल-मई महीने में दिया था।जिसमें 1992 के एमओयू के तहत लोगों की मांगों को निप्टाने का आग्रह किया गया था।
चौहान ने इल्जाम लगाया कि अदाणी समूह लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उलझाने का काम कर रहा हैं व स्थानीय लोगों की मांगों को दबाने का प्रयास कर रहा हैं। चौहान ने ट्रक आपरेटरों व किसानों से उकजुट रहने का आहवान किया व कहा कि इस तरह कारखाने बंद करने से ट्रक आपरेटरों, कारोबारियों, दुकानदारों व ढाबे वालों का नुकसान हो रहा हैं।
उन्होंने सुक्खू सरकार से इस मसले को तुरंत सुलझाने का आग्रह किया है व साथ ही चेतावनी दी कि अन्यथा लोग सडकों पर उतर जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी अदाणी समूह और सरकार पर होंगी।
