शिमला। कोरोना महामारी की बंदिशों के बीच प्रदेश में रिक्त तीन विधानसभा व एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनावों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में चुनावों का बिगुल बज गया है। इसके साथ हमीरपुर, सिरमौर, ऊना और बिलासपुर को छोड़कर बाकी तमाम आठ जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है व इन जिलों में किसी भी तरह की घोषणाओं को करने पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लग गई है। दो अक्तूबर से प्रस्तावित स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा भी अब शायद ही हो पाएं। । प्रदेश की इन सभी चारों सीटों पर 30 अक्तूबर को मतदान होगा और दो नवबंर को परिणाम घोषित हो जाएंगे। अब दीपावली से पहले ही मतदान भी हो जाएगा और परिणाम भी निकल जाएंगे।
प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी सी पालरासू ने आज राजधानी में संवददाता सम्मेलन में प्रदेश के चारों सीटों के लिए होने वाले उपचुनावों को लेकर कार्यक्रम घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि इन उपचुनावों में करीब 15 लाख 49 हजार मतदाता भाग लेंगे ।
पालरासू ने कहा कि इन चारों उप चुनावें के लिए एक अक्तूबर शुक्रवार को अधिसूचना जारी हो जाएंगी व इसी दिन से नामांकन भी भरना शुरू हो जाएंगे। आठ अक्तूबर को नामांकन भरने की आखिरी तिथि होगी। 11 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएंगी और 13 अक्तूबर को नाम वापस लिए जा सकेंगे। तीस अक्तूबर शनिवार को मतदान होगा व दो नवंबर को मतगणना की जाएंगी व मतगणना के बाद परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी।
पालरासू ने कहा कि कोरोना माहामरी की वजह से 80 साल की उम्र से ज्यादा के नागरिकों और दिव्यांग नागरिकों को डाक से मतदन करने की सुविधा दी जाएंगी । यह पहली बार हो रहा है। इससे पहले केवल सेना के जवानें को यही यह सुविधा मिलती थी।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से वर्ग अति संवेदनशील है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं में जुटे कर्मियों को भी डाक से मतदान करने की सुविधा मिलेगी। यही नहीं मतदाताओं को मतदान से एक बार इस्तेमाल होने वाले दस्ताने भी मुहैया कराए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद अब आठ जिलों में कोई भी घोषणा नहीं होंगी न ही किसी प्रकार की परियोजनाओं व योजनाओं की आधारशिलाएं रखी जा सकेगी। सड़क के निर्माण, पीने के पानी की सुविधाएं आदि देने की भी कोई घोषणा इस दौरान नहीं होगी और सरकार कि सी भी तरह की नियक्तियां नहीं कर सकंगी। इन चुनावों में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम व वीवीपैट मशीनों का प्रयोग किया जाएगा
पालरासू ने कहा कि पहले एक मतदान केंद्र पर 15 सौ के करीब मतदाता मतदान कर सकते थे थे लेकिन कोरोना महामारी की वजह से अब एक मतदान केंद्र पर एक हजार से ज्यादा मतदाता मतदान नहीं करेंगे। चुनाव आयोग ने ऐसे में तमाम हल्कों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है।
मंडी संसदीय क्षेत्र में जहां पहले 2113 मतदान केंद्र होते थे अब वह वहां 252 अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।ऐस में अब कुल 2365 मतदान केंद्र स्थपित किए जाएंगे जिनमें से 1995 ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे।
फतेहपुर विधन सभा में अब 111 मतदान केंद्रों की जगह पर141 मतदान केंद्र होंगे जबकि अर्की में 132 मतदान केंद्रों की जगह पर 154 और जुब्बल कोटखाई में 128 की जगह पर 136 मतदान केंद्र स्थापति किए जाएंगे।
पालरासू ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए एक एक चुनाव अधिकारी और 32 सहायक चुनाव अधिकारियों तैनाती कर दी गई है । इसी तरह बाकी हलाकें में भी चुनाव अधिकारियों की तैनाती कर दी ई है।
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याद रहे प्रदेश में मंडी ससदीय हलके से भाजपा सांसद राम स्वरूप शर्मा ने 17 मार्च को दिल्ली में अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
इससे पहले फरवरी महीने में जिला कांगड़ा के फतेहपुर विधानसभा हलके से कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था जिसकी वजह से यह सीट खाली हो गई। इसके बाद जून महीने में जुब्बल कोटखाई से भाजपा विधायक नरेद्र बरागटा का पीजीआइ चंडीगढ़ में निधन हो गया था जबकि जुलाई महीने में पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की विधाानसभा हलके से कांग्रेस विधायक वीरभद्र सिंह का निधन हो गया था।
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