नई दिल्‍ली /शिमला। वीबीएस रिश्‍वत कांड को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट में  मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के मामले की हुई सुनवाई के दौरान इस मामले में अदालत की ओर से तैनात एमिक्‍स क्‍यूरी और मुख्‍यमत्री वीरभ्रद सिंह के वकील यूपीए सरकार में पूर्व मंत्री कपिल सिब्‍बल  की दलीलों के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 3दिसंबर तक  स्‍थगित कर दी है। एमिक्‍स क्‍यूरी ने अदालत के समक्ष दलील दी कि वीरभद्र सिंह प्रभावशाली व्‍यक्ति है व मौजूदा समय में मुख्‍यमंत्री है ऐसे में वो सीबीआई जांच को प्रभावित कर सकते है।उन्‍होंने अदालत से इस मामले में सीबीआई की ओर से की जा रही जांच की मानिटरिंग करने  का आग्रह किया।

 

इस पर अदालत ने सवाल किया कि क्‍या ऐसा होता है। इस पर एमिक्‍स क्‍यूरी ने दलील दी कि अमूमन ऐसा नहीं होता है लेकिन जब सीएम स्‍तर का व्‍यक्ति मामले में शामिल हो तो जांच को प्रभावित करने की संभावना रहती है।

इस पर सिब्‍बल ने दलील दी कि ये मामला यहां मेंटेनेंबेल  ही नहीं है। इस मामले में पहले ही सीबीआई एफआईआर दर्ज कर चुकी है और याचिकाकर्ता की प्रार्थना पूरी हो चुकी है।अब मामले की अगली सुनवाई 3 दिसबंर को होनी है।

अदालत ने एमिक्‍स क्‍यूरी व सिब्‍बल को इस मामले की मेंटेनेबलिटि पर दलीलें पेश करने को कहा था।दोनों  ने अपनी अपनी दलीलें पेश की।अदालत ने एमिक्‍स क्‍यूरी को अगली सुनवाई को भी मेंटेनबलिटि  पर अपनी दलीलें पेश करने को कहा है।

उधर,सीबीआई की  ओर से   23 सितंबर को वीरभद्र सिंह व बाकियों के खिलाफ दर्ज की गई  एफआई आर व 26सितंबर की सीबीआई छापेमारी  के बाद  हिमाचल हाईकोर्ट की ओर ये मुख्‍यमंत्री  की याचिका  पर  दिए गए राहत भरे  आदेश  पर पांच नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।