शिमला। विजीलेंस ने जयराम सरकार में एबीजी मशीनों की खरीद की एवज में 4 लाख 25 हजार रिश्‍वत  मांगने के मामले में आज सरकार बदलने के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के पूर्व निदेशक अजय कुमार को गुप्‍ता को अरेस्‍ट कर दिया  हैं।

 

इससे पहले गुप्‍ता को जयराम सरकार के दौरान ही विजीलेंस ने रिश्‍वत मांगने की एक आडियो के वायरल होने के बाद अरेस्‍ट किया था। इस मामले में पूर्व भाजपा अध्‍यक्ष राजीव बिंदल के एक करीबी को भी विजीलेंस ने गिरफतार किया था व तब विपक्ष में कांग्रेस पार्टी के विरोध के दबाव के चलते राजीव बिंदल को भाजपा के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देना पडा था।

उसी समय विजीलेंस ने धमनियों में खून में गैस मापने की मशीनें एबीजी मशीनों की खरीद में रिश्‍वत मांगने के मामले में गुप्‍ता के खिलाफ एफआइआर नंबर 4/22 दर्ज की थी। इस मामले की जांच विजीलेंस की ओर से की जा रही थी लेकिन जयराम सरकार में यह जांच धीमी हो गई थी। सुक्‍खू सरकार में विजीलेंस ने जांच की  रफतार बढा दी व गुप्‍ता को हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल करनी पडी ।

हाईकोर्ट ने  गुप्‍ता की अर्जी खारिज की दी तो गुप्‍ता ने आज अदालत में समक्ष आत्‍मसमर्पण कर दिया व विजीलेंस ने उन्‍हें गिरफतार कर दिया। गिरफतारी के बाद विजीलेंस ने उनका अदालत से रिमांड मांगा व अदालत ने गुप्‍ता को 4 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज  दिया हैं।