शिमला।  दल-बदलू कानून के तहत कार्यवाही करते हुए कांग्रेस के छह विधायकों की विधानसभा की सदस्‍यता समाप्‍त करने का फैसला सुना कर विधानसभा स्‍पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा के सामने अब दर्जन भर और कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की चुनौती खड़ी कर दी हैं।

स्‍पीकर पठानिया  के फैसले के बाद अब कांग्रेस के छह विधायकों  जिनमें  कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा,राजेंद्र राणा, चैतन्‍य शर्मा,देवेंद्र भूटटो ,रवि ठाकुर और इंदरदत लखन पाल की विधानसभा सदस्‍यता खत्‍म हो गई हैं। अपने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए स्‍पीकर पठानिया ने संवाददाताओं से कहा कि मेरे फैसले के बाद  ब इनकी विधायकी समाप्‍त हो गई है । ये अब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए आजाद हैं। 

विधानसभा स्‍पीकर पठानिया ने कटौती प्रस्‍ताव के दौरान जारी किए गए व्‍हीप का उल्‍लंघन करने पर ये दोनों पक्षों को सुनने के बाद ये फैसला सुनाया

 लोकसभा स्‍पीकर ओम बिड़ला की ओर से बीते दिनों विपक्ष के सदस्‍यों को लोकसभा से निलंबित करने के लिए जिस तरह से उन्‍हें उनका पक्ष जानने के लिए संदेशे भेजे गए उन्‍होंने भी उसी तरह इमेल, वाटसएप और इ-विधान के जरिए जानकारी दी गई । इसके अलावा उनके रजिस्‍टर में दस्‍तख्‍त मौजूद हैं। उनकी ओर से पैरवी करने आए वकीलों की ओर से ज्‍यादा समय मांगा गया ।

उन्‍होंने भी इसी तरह की दलीलें दी गई कि हो सकता है कि उनको जानकारी ही न मिली हो। वह बीमार हो सकते है। लेकिन  बीते ये रोज विधायक हेलीकाप्‍टर से विधानसभा पहुंचे थे। इन तमाम साक्ष्‍यों के बाद उन्‍होंने बतौर ट्रिब्‍यूनल के अध्‍यक्ष कार्यवाही शुरू करते हुए दल बदलू कानून के तहत  कार्यवाही की हैं।

 

अब विधानसभा में कांग्रेस के 34 विधायक रह गए है। भाजपा के 25 और तीन आजाद विधायक रहे हैं।