शिमला। लोकसभा चुनावों से ऐन पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर पेश किए गए बिना कर के बजट में सौगातों की बौछार लगा दी गई हैं। जयराम ठाकुर की ओर से पेश किए गए इस दूसरे लोकलुभावने बजट में मजदूरों की दिहाड़ी 225 रुपए से बढ़ा कर 250 रुपए कर दी हैं। 20 हजार कार्यमूलक पदों पर नौकरियां देने का एलान किया हैं। इनमें से आठ हजार पद शिक्षकों,तीन सौ डाक्टरों,तीन हजार पैरा मेडिकल स्टाफ व नसो्,एक हजार कनिष्ठ कार्यालय सहायकों, 400 पटवारियों, 1400 पुलिस कांस्टेबल, 200 वन रक्षकों, 200 कनिष्ट अभियंताओं व 50 अभियंताओं के पद शामिल हैं।
इसके अलावा हिमाचल परिवहन निगम में अलग अलग श्रेणियों के 800,बिजली बोर्ड में 1000 और अन्य विभागों में 35सौ पद भरे जाने की संभावना हैं अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ने प्रदेश के कर्मचारियों के लिए 1 जुलाई 2018 से 4 फीसद महंगाई
भते देने का भी एलान किया जबकि अनुबंध कर्मचारियों को अब मूल वेतन के साथ 125 फीसद ग्रेड पे के हिसाब से वेतन दिया जाएगा।
नई पैंशन योजना के तहत सरकार की ओर से दिए जाने वाले अंशदान को दस फीसद से बढ़ाकर 14 फीसद कर दिया गया हैं। इसके 80 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस पर 175 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। बजट में कयुणामूलक आधार पर नौकरियां देने के प्रावधान में भी बदलाव किया गया हैं। अभी अगर किसी सरकारी कर्मचारी का निधन 50 सल से पहले हो जाता है तो उसके आश्रितों को कयणा मूलक आधर नौकरी देने काप्रावधान अब इस प्रावधान को सेवानिवृति तक कर दिया हैं।
इसके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जो 5910-20200 रुपए के पे बैंड पर है और और रुपए ग्रेड पे ले रहे हैं। इसके अलावा 20 साल का कार्याकाल पूरा कर चुके है वह एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि पाने के पात्र होंगे।
पंचायत सदस्यों से लेकर महापौर तक के मानदेय में बढ़ोतरी
बजट में पंचायत सदस्यों से लेकर प्रधान तक के मानदेय में बएÞोतरी की गई हैं। ग्राम पंचायत सदस्यों का प्रति बैठक भता 250 रुपए कर दिया गया हैं। उप प्रधान का मानदेय 2500 से तीन हजार व प्रधान का मानदेय चार हजार से बढ़ाकर 4500 रुपए कर दिया हैं। इसी तरह पंचखयत समिति सदस्यों का मानदेय 4000 से बढ़ाकर 4500,उपाध्यक्ष का 4500 से 5000 रुपए और अध्यक्ष के मानदेय को 6500 से बढ़ाकर 7000 रुपए कर दिया गया हैं।
जिला परिषद सदस्यों का मानदेय 4500 से बढ़ाकर 5000 हजार रुपए,उपाध्यक्ष का मानदेय 7500 से बढ़ाकर 8000रुपए और जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय 11 हजार से बढ़ाकर 12000 रुपए कर दिया गया हैं।
इसके अलावा पंखयत चौकी दारों का मानदेय भी 4100 से 45 सौ रुपए कर दिया गया हैं।
नगर पंचायत सदस्यों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 2500,उपाध्यक्ष का 3500 से बढ़ाकर 4000 और अध्यक्ष का 5000 से बढ़ाकर 5500 कर दिया गया हैं।
इसी तरह नगर परिषद सदस्यों का मानदेय 2200 से बढ़ाकर 2500,उपाध्यक्ष का 5000 से बढ़ाकर 5500 और अध्यक्ष का 6000 से बढ़ाकर 6500 रुपए कर दिया हैं।
नगर निगम शिमला और धर्मशाला नगर निगम के पार्षदों का मानदेय 5000 से 5500 रुपए उप महापौर का 8000 से 8500 जबकि महापौर के मानदेय में 11000 से 12000 रुपए की बढ़ोतरी की गई हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व चौकीदारों के मानदेय को भी तीन हजार से बढ़ाकर 3500 रुपए कर दिया हैं।
विधायकों को भी सौगातें
बजट में विधायक प्राथमिकता योजनाओं के लिए नाबार्ड के तहत धनराशि की सीमा को 90 करोड़ से बढ़ाकर 105 करोड़ कर दिया हैं।इसी तरह विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत मिलने वाली सवा करीोउÞ की राशि को डेढ़ करोड़ रुपए कर दिया गया हैं।
इस योजना के तहत अब तक विधायक पंजीकृत महिला मंडलों को 20 हजार रुपए दे सकते हें। इस सीमा को 25 हजार रुपए तक कर दिया हैं । अब विधायक पंजीकृत युवक मंडलों को भी 25 हजार रुपए खेल सामाग्री और खेल उपकरणों को दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बजट में विधायकों की विवेक अनुदान राशि को भी आठ लाख रुपए कर दिया हैं।
जलवाहकों का मानदेय बढ़ाया
बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिक्षा विभाग के तहत मिड डे मील वर्कर्ज का मानदेय 2000 व जलवाहकों का 2400 सौ करने का एलान किया। शिक्षा विभाग में अंशकालीन,जलवाहक व लैब स्टाफ और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मारियों के एक हजार खाली पद भरा जाएगा।
इसके अलावा पीटीए व पैरा अध्यापकों जो अनुबंध पर आ गए हैं व एक अक्तूबर 2018 तक जिन्होंने तीन साल पूरे कर लिए हैं, एन्हें पेबैंड की न्यूनतम राशि के अलावा ग्रेड पे और महंगाई भता दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से नियुक्त किए जाने वाले शिक्षकों के पारिश्रमिक में 20 फीसद की बढ़ोतरी की गई हैं।
बजट में सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना को साढ़े सात सौ से बढ़ाकर सढ़े आठ सौ और तेरह सौ से पंद्रह सौ कर दी हैं। इसके अलावा 45 साल से कम उम्र में विधवा हो गई महिलाओं को नर्सिंग स्ंस्थानों और आटीआइ में दाखिले के लिए आरक्षण का प्रावधान कर दिया हैं। सामाजिक सुरक्षा पैंशन ले रही सभी विधवाएं प्रदेश सरकार की हिमकेयर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बिना प्रीमियम पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ पाने की हकदार होंगी। परित्यक्त व विधवाओं को 18 साल से कम उम्र के दो बच्चों के लालन पालन के लिए सालाना राशि को पांच हजार से छह हजार किया गया हैं। बाल -बालिका आश्रमों में रह रहे बच्चों को जिनके पास अठारह साल के बाद रहेने के लिए घर नहीं होता
उनके लिए आफटर केयर होम खोले जाएंगे। इन आश्रमों के बच्चे जो 12वीं तक 60 फीसद व इससे ज्यादा अंक लाएंगे उनके लिए दस हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बजट में पार्किनसन, कैंसर,अधरंग, मस्कुलर डिस्ट्रौफी,हिमोफीलिया,थेलेसीमिया और रीनल फेल्योर बीमारी से ग्रसित ऐसे रोगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं,उनको दो हजार रुपए महीना दिया जाएगा। प्रदेश में 4200 एचआईवी और एडस ग्रसित व्यक्तियों के लिए दिए जाने वाले उपदान को आठ सौ से बएÞाकर 1500 रुपए कर दिया गया हैं। बीपीएल परिवार की प्रसूताओं को प्रसव के दौरान अब 11 सौ रुपए की राशि दी जाएगी। बजट में
आशा वर्कर्ज का अंशदान 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया हैं।
पत्रकारों को लैपटाप देने का एलान
बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य व जिता स्तर के तमाम मान्यता प्राप्त पत्रकारों को एक एक लैपटाप देने का एलान किया। सेवारत पत्रकारों के निधन पर पत्रकार कल्याण योजना के तहत दी जाने वाली वितीय सहायता को दो लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपए और सेवानिवृत पत्रकारों के लिए पचास हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया हैं।
विकास के लिए कुल 39 फीसद
व्यय किए जाने वाले सौ रुपए में से वेतन पर 27रुपए 84 पैसे,पैंशन पर 15 रुपए ,ब्याज अदायगी पर 10 रुपए 25 पैसे,कर्ज अदायगी पर सात रुपए 35 पैसे खर्च किए जाएंगे जबकि विकास पर कुल 39 रुपए 35 रुपए खर्च होंगे।
पांच हजार 352 करोड़ का राजकोषीय घाटा
हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने शनिवार को 44 हजार 387 करोड़ 73 लाख रुपए का बजट पेश किया। यह जयराम सरकार का दूसरा बजट है जो पिछल्ले बजट से 2941 करोड़ रुपए से ज्यादा हैं। पिछल्ला बजट 41434 करोड़ का था।
बजट में 15 नई योजनाएं शुरू की गई हैं और पिछल्ले बजट में शुरू की गई 30 योजनाओं को भी जारी रखा गया हैं। लोक लुभावने इस बजट में दिहाड़ीदारों कर्मचारियों से लेकर कमजोर वर्गों तक को सौगातों की बौछार की गई हैं।
2019 -29 के बजट में 5 हजार 352 करोउÞ रुपए का राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है जो कि सकल घरेलू उत्पाद का 4.35 फीसद होगा। जबकि राजस्व घाटा 2342 करोड़ रुपए होने का अनुमान लगाया गया हैं। बजट के मुताबिक 33727 करोड़ की राजस्व आय व 36089 करोड़ का व्यय होने की संभवना हैं।
बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया हैं। प्रदेश के विकास के लिए बजट में बाहय सहायता प्राप्त योजनाओं पर जोर दिया गया हैं । मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश में 7729 करोड़ की आठ बाहय सहायता प्राप्त परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं । इसके अलावा 13 महीने की उनकी सरकार में 10 330 करोड़ की बाहय सहायता प्राप्त परियोजनाएं मंजूर की गई है।
बजट में आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल में गए व्यक्तियों को 11 हजार रुपए की वार्षिक लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी मेें शिव धाम की स्थापना करने,संस्कृत भाषा को राज्य की दूसरी राजकीय भाषा का दर्जा देने का प्रावधान किया गया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बावत कानून में संशोधन किया जाएगा। बजट में राष्टÑीय गोकुल मिशन के तहत प्रदेश में एक गोकुल गांव भी स्थापित किया जाएगा।
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