शिमला।पहली बार मुख्यमंत्री बने सीएम सुक्खविंदर सिंह सुक्खू के लिए प्रशासन संभालना गले की फांस बना हुआ है।
सुक्खू के पास कार्मिक व गृह महकमा भी है।लेकिन व इन महकमों की जिम्मेदारियां निभाने में बुरी तरह से नाकाम रहे है।जिन आइएएस और आइपीएस बाबूओं से हिसाब चुकता करना है उनका जिक्र तो कभी अलग से। लेकिन सुक्खू अपने लाडले सिंघमों के ही सितारे इन दिनों गर्दिश में उछाले हुए हैं।
उनके सबसे लाडले आइपीएस अफसर शिमला के एसएसपी रहे संजीव गांधी एक अरसे से पोस्टिंग के लिए तरस रहे है। सुक्खू के सिंघम गांधी को डीआइजी पदोन्नत कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें मिल्कफेड का एमडी बना दिया गया।
अब इस तैनाती की ये सलाह सुक्खू को जिसने भी दी उसने संजीव गांधी का तो हाल ही बेहाल कर दिया।बहरहाल,उनने मिल्कफेड के एमडी का कार्यभार नहीं संभाला । बड़ी मुश्किल के बाद सुक्खू ने उनकी इस तैनाती के आदेश को वापस लिया लेकिन अब नई तैनाती नहीं की जा रही है।
इन दिनों वो सोशल मीडिया में किलकारियां भर रहे हैं। अब न जाने कब उनकी नई जगह ताजपोशी की जाएगी।
सुक्खू सरकार में दूसरे सिंघम आइपीएस खुशाल चंद शर्मा। ये भी सात आठ फरवरी से पोस्टिंग के लिए मारे-मारे फिर रहे थे। आखिर में इनको मुख्यमंत्री सुक्खू से अनाडेल हैलीपैड के आसपास मुलाकात करनी पड़ी तक कहीं जाकर इनकी पोस्टिंग हो पाई।
गृह महकमा बेहद महत्वपूर्ण महकमा है लेकिन सुक्खू इसे अपने क्लब की तरह चला रहे है। इससे पहले भी हिमाचल पुलिस के सबसे वरिष्ठ आइपीएस अफसर श्याम भगत नेगी को भी दो महीने तक कोई पोस्टिंग नहीं दी गई थी। बाद में उनको
अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय व आधिकारिता लगाया गया।
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