शिमला। हिमाचल प्रदेश के कमिश्नर विभागीय जांच  आईएएस  अफसर आर एस गुप्ता  के  खिलाफ 2003 में दर्ज  दो मामलों में आगे जांच चलाने के लिए अदालत से केस फाइल वापस देने का आग्रह  किया है। सरकार ने इन दोनों मामलों को दोबारा खोलने का फैसला लिया है। ये जानकारी भाजपा विधायक सुरेश भारदवाज की ओर से प्रश्नकाल के दौरान लिखित  में पूछे सवाल के लिखित जवाब में दी । आर एस गुप्ता  व अतिरिक्त  मुख्य सचिव दीपक सानन  को  भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर  की हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को जमीन आवंटित करने  के मामले में प्रदेश  सरकार ने चार्जशीट  किया हुआ।

कांग्रेस की चार्जशीट में गुप्ता के खिलाफ मामलों का उल्लेख भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्ता के खिलाफ दिसबंर 2003 व सितंबर 2009 में दर्ज दो मामलों का चालान पेश किया गया था । स्पेशल जज  धर्मशाला  की अदालत में लंबित है। सरकार ने अदालत से केस फाइल लौटाने का आग्रह किया है ताकि इस मामले में आगे जांच की जाए्। गुप्ता जब कांगडा कोआपरेटिव बैंक धर्मषाला के एमडी थे तो उन पर धोखाधडृी, जालसाजी ,साजिश व भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए गए थे!  धूमल सरकार के कार्याकाल में इन दोनों में  एक में क्लोजर रिर्पोट अदालत में फाइल की गई  थी दूसरे मामले के प्रॉसिक्यूषन  सेक्शन नहीं दी गई  थी।  छोनों मामले में बैंक में भर्तियों से जुड़े है। लेकिन वीरभद्र सिंह सरकार ने इन केसों को दोबारा खोलने  की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भारदवाज ने सवाल   किया था  कि कांग्रेस चार्जशीट  के  आधार पर पिछले  छह महीने में कितने मामले दर्ज  किए व कितनों की जांच चल रही है। मुख्‍यमंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की ओर से दिए लिखित जवाब में कहा गया है कि प्रदेश विजीलेंस ब्यूरो की ओर से 46 मामलों की जांच की जा रही है।टेलीफोन कांड व हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन समेत तीन मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।

मैसर्ज नीलगीरि इंडस्ट्रीज कोलकाता  व मैसर्ज प्रीत फुट बेयलाबाथरी उना  के  खिलाफ एफआईआर नंबर 5/2013 के तहत 7 जून 2013 को धारा 407,468,471व  420बी  के तहत मामला दर्ज  किया गया है। इसके अलावा टेलीफोन कांड में पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफएफआईआर नंबर 8/2013 के तहत 26 जून 2013 को इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885 की धारा 26 के तहत मामला दर्ज की गई है।

एक अगस्त 2013 को हिमाचल प्रदेष क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ आईपीसी की  धारा 406,420,120बी,व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम  की धारा 13/2/ के तहत मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री की ओर से लिखित में बताया गया है  कि इन मामलों में जांच चल रही है।