शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से अरसा से पहले विधानसभा के पटल पर कर्मचारियों की पेंशन की मांग पर दी गई चुनौती को सेवानिवृत पैरा मिलिट्री वालों ने मंजूर कर लिया हैं। कुछ अरसा पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के भीतर सदन पटल पर कहा था कि अगर किसी कर्मचारी को पेंशन चाहिए तो […]
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से अरसा से पहले विधानसभा के पटल पर कर्मचारियों की पेंशन की मांग पर दी गई चुनौती को सेवानिवृत पैरा मिलिट्री वालों ने मंजूर कर लिया हैं।
कुछ अरसा पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के भीतर सदन पटल पर कहा था कि अगर किसी कर्मचारी को पेंशन चाहिए तो वह चुनाव लडे और विधायक बन कर पेंशन हासिल करे।
याद रहे कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विधानसभा को घेर लिया था। तब एक गीत सोशल मीडिया पर खूब चला था कि जोइयो मामा मान्दा नी ,किसी री शुन्दा नी।
यह सब उस समय हुआ जब हिमाचल विधानसभा का चल रहा था।
आज हिमाचल प्रदेश राज्य पूर्व अर्धसैनिक कल्याण और समन्वय संघ के प्रधान वी के शर्मा (सेवानिवृत डीआइजी) ने जयराम की इस चुनौती को मंजूर कर लिया। उन्होंने कहा कि वह जयराम की इस चुनौती को स्वीकार करते हैं। उन्हें चार-चार नहीं एक ही पेंशन चाहिए। उन्होंने कहा कि पैरा मिलिट्री कर्मियों की मांगों की कहीं सुनवाई नहीं होती।
डीआइजी वी के शर्मा यह बोले -:
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इसलिए संघ ने अभी 40 हलकों में चुनाव लडने का फैसला किया है आज छह नामों की घोषणा भी कर दी।
