शिमला। पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शिमला पुलिस ने कारपोरेशन के एमडी आइएएस रिषिकेश मीणा व अन्यों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी हैं। अब मीणा पर गिरफतारी की तलवार लटक गई हैं। एफआइआर न्यू शिमला थाना में दर्ज की गई हैं।
एसपी शिमला संजीव गांधी ने एफआइआर की पुष्टि की हैं। हालांकि अभी ज्यादा विवरण उपलब्ध नहीं हैं लेकिन एफआइआर में मीणा का नाम हैं।
मीणा व बाकियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये एफआइआर देवंगत नेगी की पत्नी किरण नेगी की शिकायत पर दर्ज किया गया हैं। म
उधर कारपोरेशन के न्यू शिमला कार्यालय के बाहर दिवंगत नेगी के परिजनों, बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों का धरना प्रदर्शन जारी है । परिजनों और आंदोलनकारियों ने मीणा व अन्य अधिकारियों पर बेहद संगीन इल्जाम लगा दिए है जिसमें सुक्खू सरकार से कटघरे में आ गई हैं। परिजनों ने मीणा व बाकी अधिकारियों पर इल्जाम लगा दिया कि इन्होंने शोंगटोंग व पेखु बिजली परियोजना को लेकर फाइल में दस्तख्त करने का दबाव डाला। जिससे वो तनाव में आ गए। अब ये सारा मामला भ्रष्टाचार की ओर मुड़ गया हैं।
नेगी की मौत से आहत परिजन व कर्मचारी समुदाय आक्रोश में है और दोपहर बाद से पावर कारपोरेशन के बाहर उनके शव को रखकर प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
विमल नेगी की मौत से जिला किन्नौर की जनता बेहद आहत है ।
याद रहे मीणा जहां –जहां भी तैनात रहे वविवादित रहे। चंबा में डीसी रहते हुए तीन महीनों में सात पटवारियों को वो निलंबित कर गए थे। इसके अलावा बतौर निदेशक ऊर्जा उन्होंने वहां तैनात चपड़ासी बुधराम को भी आत्महत्या के मुहाने तक पहुंचा दिया था।
उनके खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर एक चिटठी निकली तो उन्होंने मीडिया वालों केखिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी और पुलिस ने पत्रकारों के मोबाइल जब्त कर लिए। इस मामले में तो भाजपा विधायक जनक राज का नाम मुख्यमंत्री सुक्खू ने लिया था।
सुक्खू ने कहा था कि इस चिटठी के सूत्रधार जनक राज है। लेकिन बाद में दोनों ने इस मसले पर चुप्पी साध ली। मीणा को एमडी के पद से तो हटा दिया गया है लेकिन निलंबित नहीं किया गया हैं।बहरहाल अभी धरना प्रदर्शन जारी हैं और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही हैं।
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