शिमला।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अधीन कांगड़ा सेंट्रल बैंक में रोजाना नए कांड सामने आ रहे है। ताजा मामले में पखवाड़ा पहले रिटायर हुए डीजीएम ने बैंक के प्रशासक व पूर्व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार के खिलाफ़ अनुसूचित जाति उत्पीड़न अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज करने की मांग की है।
इस बावत रिटायर डीजीएम के सी भारदवाज ने बैंक के प्रशासक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और एसपी कांगड़ा को उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए एक चिटठी लिखी है।
जानकारी के मुताबिक इस बावत वह आज बृहस्तपतिवार को एसपी कांगड़ा के कार्यालय में गए । वहां एसपी तो नहीं मिले लेकिन एएसपी से मुलाकात कर उन्होंने पूरा मामला ब्रीफ किया।
भारदवाज ने इस चिटठी में कहा है कि प्रशासक विनोद कुमार व आधा दर्जन के करीब बाकी बैंक के अफसर जाति के आधार पर उनका उत्पीड़न करने में तुले हुए है।याद रहे बैंक के केसीसी बैंक के प्रशासक आइएएस विनोद कुमार व बाकी अफसरों के खिलाफ पहले कांग्रेस नेता युद्ध चंद बैंस ने भी ऊना पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज करा रखी है।
अब भारदवाज ने भी विनोद कुमार पर अंगुली उठा दी है। लेकिन भारदवाज ने एससी एक्ट का हवाला दिया है।
भारदवाज ने एसपी कांगड़ा को लिखा कि प्रशासक ने उनको हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नौकरी से 20 दिसंबर 2025 को बर्खास्त कर दिया व रात दस बजे के ये आदेश किए। वो दोबार हाईकोर्ट गए व बर्खास्तगी के इस आदेश पर अदालत ने स्टे लगा दिया और 31 दिसंबर को बतौर डीजीएम सेवानिवृत हो गए।लेकिन बैंक ने उन्हें सेवानिवृति बाद देय लाभों का भुगतान नहीं किया। ये सब उन्हें उत्पीड़न करने की नियत से किया जा रहा है।
उनको विनोद कुमार व बाकी चंद अफसर 2022 से ही उत्पीड़न करने में लगे है। उन्हें एजीएम से सीनियर मैनेजर डिमोट कर दिया। बाद ये लड़ाई वो जीत गए।उनके निलंबित व ट्रासफंर के आदेश उनके घर में चिस्पाएं गए ताकि गांव वालों के सामने उनको नीचा दिखाया जा सके।
यही नहीं बोर्ड आफ डायरेक्टर ने उनके निलंबन व चार्जशाीट को ड्राप कर दिया था लेकिन अपील में विनोद कुमार खुद अपील में बैठे व उनको बोर्ड आफ डायरेक्टर से मिली राहत को अमलीजामा नहीं पहनाने दिया।
वो उनको लगातार तंग करते आ रहे है। आज उनको पंद्रह दिन से ज्यादा का समा़ रिटायर हुए हो गया है लेकिन उनको ग्रेच्यूटी व बाकी देय लाभ नहीं मिले है जबकि रिटायर वाले दिन ही सभी को सब कुछ मिल जाता है।
भारदवाज ने आइएएस विनोद कुमार के अलावा बाकी बैंक के सात अफसरों के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज करने की मांग की है।चार पन्ने की ये शिकायत उन्होंने एसपी कांगड़ा के अलावा डीजीपी अशोक तिवारी, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और बाकियों को भी भेजी है।
याद रहे कि केसीसी बैंक के पूर्व एमडी और प्रशासक विनोद कुमार 30 जनवरी को सेवानिवृत हो रहे है।
चूंकि वो सुक्खू सरकार के लाडनले अफसरों में शुमार है। ऐसे में क्यास लगाए जा रहे है कि सुक्खू सरकार उनको केसीसी बैंक का चैयरमैन लगाने की मंशा पाले हुए है। लेकिन उनके खिलाफ कई एफआइआर दर्ज है। ऐसे में सरकार क्या करती है इसका सबको इंतजार हैं।
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