शिमला। जिला किन्नौर के सत्र न्यायाधीश ने 15 साल की नाबालिग युवती से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बना देने पर आरोपी चचेरे भाई को धारा 376 और पोक्सो अधिनिययम के तहत दोषी ठहराते हुए दस साल की बामशक्त कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक साल की और कैद भुगतनी होगी।
विशेष जज पदम सिंह ठाकुर ने अपने फैसले में अभियोजन के पक्ष को सही करार देते हुए आज यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह मामला नवंबर 2016 का जब आरोपी सुमित शर्मा पीड़िता के घर आया व उसे अकेला देख कर उसके साथ दुश्कर्म किया और उसे धमकी दी कि अगर उसने यह बात अपने माता पिता से जाहिर की तो वह उसकी छोटी बहन से भी इसी तरह दुष्कर्म करेगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी पीड़िता का रिश्ते में चचेरा भाई था।
दुष्कर्म का यह सिलसिला जनवरी 2017 तक इसी तरह चलता रहा। मामले तब उजागर हुआ जब युवती गर्भवती हो गई है। इसके बाद झाकड़ी थाने में 24 जुलाई 2017 को धारा 342,376 और पोक्सो अधिनियम के की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफतार किया गया ।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सेशन जज किन्नौर की रामपुर सिथत अदालत में चालान पेश किया। पुलिस की ओर से जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने मामले की पैरवी की व अदालत ने आरोपी को दस साल की सजा सुनाईहै।
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