माफियाओं पर हमले का ये बंदोबस्त कर DGP मरढ़ी ने बचाई जयराम Govt की लाज,किंगपिन फंसेंगे इसमें संदेह

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देशों के बाद ड्रग माफिया, वन माफिया और रेत माफिया पर नकेल कसने का बंदोबस्त कर डीजीपी सीताराम मरढ़ी जयराम ठाकुर सरकार के कार्याकाल का एक काम गिनाने लायक बना दिया हैं।

हालांकि पुलिस व उसके दावों पर कितना भरोसा किया जा सकता हैं यह देखा जाना हैं। प्रदेश पुलिस से लोगों का भरोसा उठ चुक हैं। हाईकोर्ट में ऐसे- ऐसे मामले बाहर आ चुके है जो साफ करते है कि पुलिस के भीतर आपराधिक गैंग्ज काम करती हैं। गुडिया कांड से लेकर मंडी में माइक पद्वार्थों की तस्करी में किसी को फंसा देना ताजे उदाहरण हैं। महीने भर की जयराम सरकार अभी तक पूर्व की वीरभद्र सरकार की तरह कारोबारियों और लाडले -लाडलियों को खैरातेंं मांगने व बांटने वाली सरकार ही बनकर रह गई थी।

फिर भी माफियाओं पर चोट करने के लिए जिस तरह का इंतजाम डीजीपी मरढ़ी ने करने की कोशिश की हैं,वह पृथमदृष्टया सही कदम लग रहा हैं। पुलिस को किंग पिन पकड़ने होंगे और किंगपिन सता के गलियारों में सफेदपोश बन घूमते रहते हैं।
बहरहाल प्रदेश पुलिस विभाग ने स्पेशल टास्क फोर्स या विशेष कार्य बलों का गठन कर सौ दिन का एजेंडा तय कर दिया हैं। इसके अलावा सड़क हादसों को रोकने के लिए सभी जिला के पुलिस अधीक्षकों को दो सप्ताहों तक खास अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सीताराम मरढ़ी ने ने कहा है मादक पद्वार्थों की तस्करी में शामिल संगठित गेंगों व व्यक्तियों के लिए हरेक जिला में एएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी की कमान में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया हैं। हरेक जिले की एसटीएफ सौ दिनों तक खास अभियान चलाएगी ।

नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस विभाग ने सही जानकारी मुहैया कराने वाले नागरिकों को नकद पुरस्कार देने का एलान भी किया हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक दक्षिणी रेंज आसिफ जलाल ने कहा कि जो जानकारी आठ किलो तक मादक पद्वार्थ और एक हजार कैप्सल की बरामदगी कराने में सहायक होगी, उसकी एवज दस हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा सौ ग्राम मादक पद्वार्थ और 500 ग्राम कैप्सूल बरामद करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को क्लास वन प्रशंसा प्रमाणपत्र और पांच सौ रुपए का ईनाम दिया जाएगा। अगर आठ किलो के मादक पद्वार्थ औँर एक हजार कैप्सूल बरामद होते हैं तो उन अधिकारियों व कर्मियों को डीजीपी डिस्क प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विशेष कार्यबलों का रोजाना सीबीआईडी मुख्यालय में एसपी सीआइडी को रिपोर्ट देनी होंगी व एसपी डीजीी को रोजाना रिपोर्ट देगा। उन्होंने कहा कि एसटीएफ संबधित जिलों के एसपी, डीआइजी और आईजी को भी रिपोर्ट देंगी।
नशे के अलावा अवैध रेत की तस्क री व पेड़ों के कटान को लेकर भी हरेक जिला में एसटीएफ गठित कर दी गई हैं जो रोजाना मुख्यालय मे एसपी कानून व्यवस्था को रिपोर्ट पेश करेगी ये विशेष कार्यबल भी 27 जनवरी से सौ दिनों का विशेष अभियान चलाएंगी। इस बावत अगर को नगरिक कोई महत्वपूर्ण जानकारी देता हैं तों उसे भी ईनाम दिया जाएगा।

 

पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश में सड़क हादसों पर नकेल कसने के लिए भी जिला स्तर पर दो सप्ताह तक खास मुहिम छेड़ने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान 29 जनवरी से शुरू हो जाएगा। अभियान के तहत नशे में वाहन चलाने,तेज रफतार,वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने और बिना हेलमेट के दो पहिया वाहनों को चलाने वालों के खिलाफ खास ध्यान रखा जाएगा। पुलिस महानिदेशक इस अभियान को लेकर 30 जनवरी से रोजाना और 12 फरवरी को पूरी रिपोर्ट तलब कर ली हैं।
याद रहे कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते रोज गृह विभाग व पुलिस अधिकारियों की बैठक में इन मसलों पर जवाब तलब किया था। जिस पर अमल करते हुए पुलिस महानिदेशक ने अपना एजेंडा तय कर दिया हैं।