शिमला। भ्रष्‍टाचार  के मामलों   में फंसे हिमाचल के मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कभी सेाचा  भी नहीं था कि जिस दिन उनकी बेटी की शादी का समारोह घर पर होगा उस दिन मेहमानों के सामने मोदी सरकार की सीबीआई उनके घर की तलाशी कर रही होगी। लेकिन आज सुबह उनके साथ ऐसा हो गया। ये शायद किसी नेता केसाथ पहली बार है  कि घर में बेटी की शादी हो और छापेमारी हो जाए।

वीरभद्र सिंह की बेटी मीनाक्षी की शादी आज राजधानी  में बजरंगबलि के मशहूर मंदिर संकट मोचन में  शादी थी। सुबह सात बजकर दस मिनट पर वीरभद्र सिंह जैसे ही अपने आवास हॉलीलाॅज  से मंदिर संकटमोचन को जाने केलिए निकले ,बाहर गेट पर उन्‍हें सीबीआई की टीम ने रोक लिया।

सीबीआई की टीम ने कहा कि वो छापेमारी के लिए आए है। बताते है कि सीएम ने उन्‍हें बताया  कि उनकी बेटी की शादी संकटमोचन में मंदिर में हैं वो वहां जा रहें है। आपको जो कार्यवाही करनी है, आप वो कर लें।सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के दस्‍तख्‍त लिए और उन्‍हें जाने दिया। उनके साथ ही सीबीआई के एक आदमी को भी साथ लगा दिया। बाद  में मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह संकट मोचन जाकर बेटी की विदाई कर आएऔर वापस हॉलीलाज आ गए। इसके बाद पूरा परिवार हॉलीलाज में ही रहा ।

मुख्‍यमंत्री की एक बेटी जो तलाकशुदा है,कि आज संकमोचन में शादी थी। इस समारोह में वीरभद्र सिंह की बड़ी बेटी जो गुजरात  हाईकोर्ट में जज है, वो व उनकी सबसे छोटी बेटी अपराजिता सिंह जिनका नाम सीबीआई की दर्ज प्रारंभिक जांच  में शामिल है,अपने पति के साथ यहां  आई थी। आज सभी का सीबीआई से आमना सामना हो गया है  और सीबीआई ने सारे रिश्‍तेदारों के सामने वीरभद्र सिंह का पूरा घर छान मारा।ये छापेमारी हॉलीलाज ही नहीं ,रामपुर के महल  के अलावा दिल्‍ली  के ठिकानों में भी छापेमारी  की।

इस छापेमारी की वीरभद्र सिंह समर्थक विधायकों,मंत्रियो व नेताओं ने निंदा की है व कहा है कि  बेटी की शादी के दिन छापेमारी करना निंदनीय है।