शिमला।प्रदेश की सुखविदंर सिंह सरकार ने कांगड़ा सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक से 20 करोड़ के लोन मामले में जिस कांग्रेस नेता युद्ध चंद बैंस पर एफआइआर दर्ज की थी अब इस मामले में बैंक की फाइलों से कागजात गायब हो गए है और सुक्खू की पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं कर रहीं है।
इस मामले में बैंक की फाइलों से कागजात गायब करने को लेकर जब सुक्खू सरकार की पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की तो बैंस ने ऊना की अदालत का दरवाजा खटखटा दिया है।
अदालत में सुक्खू की पुलिस की ओर से हैरानी भरा ब्यान दिया कि उसके पास तो एफआइआर दर्ज करने के लिए कोई शिकायत ही नहीं आई। जबकि शिकायत कर्ता बैंस की ओर से दावा किया जा रहा है कि उनने बल्ह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी व इस मामले को मंडी पुलिस ने ऊना पुलिस को भेज दिया था।
यही नहीं बैंस ये भी दावा कर रहे है कि इस बावत ऊना पुलिस ने उनसे बात भी की थी लेकिन अब अदालत में जो कहा वो हैरान करने वाला है।
ऊना की अदालत ने अब मामले की सुनवाई 27 दिसंबर को तय की है व अब देखना है कि ऊना पुलिस का 27 तारीख को अदालत में क्या रुख रहता है।
याद रहे कि बैंस ने अपने होटल के निर्माण के लिए केसीसी बैंक से लोन लिया था व इसकी एवज में करोड़ों की संपति गिरवी भी रखी थी। इस संपति की वैल्यू के कागजात भी उनने बैंक में जमा कराए थे। गिरवी रखी संपति की ये वैल्यू लिए लोन से कहीं ज्यादा थी।
लेकिन बीच में मुख्यमंत्री सुखविदंर सिंह सुक्खू सरकार ने सता में आने पर इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी । इधर, बैंस ने सुक्खू व उनकी जुंडली पर उनकी संपति को हड़पने और उनसे रिश्वत लेने के इल्जाम ही नहीं लगाए बल्कि ईडी और सीबीआइ में शिकायत भी दर्ज कर दी।
बैंस के इस कदम के बाद सुक्खू सरकार ने बैंस के लोन मामले की फाइल खोल दी और विजीलेंस में विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कर दी। लेकिन बैंस को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और सुक्खू सरकार की विजीलेंस उन्हें अरेस्ट नहीं कर पाई ।/
ये दीगर है कि सुक्खू सरकार ने अब इस जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रखा है। लेकिन उनकी लोन फाइल में से दस्तावेज गायब हो जाने के बाद मामला संदिग्ध हो गया है।
जब दस्तावेजों के गायब होने का ये मामला बैंक के नोटिस में आया तो बैंक के तत्कालीन एमडी आदित्य नेगी ने इसकी जांच करा दी व आधा दर्जन से ज्यादा बैंक अफसरों को शो कॉज नोटिस भेज दिया था।
इस पर बैंस ने इस मामले में सुक्खू सरकार की पुलिस से कागजात गायब करने वाले अफसरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की गुहार लगाई लेकिन गुहार अनसुनी कर दी तो बैंस ने धारा 156/3 के तहत ऊना की अदालत में एफआइआर दर्ज करने की मांग को लेकर अर्जी दायर कर दी।
बीते रोज ही इस मामले की अदालत में सुनवाई हुई। बैंस ने कहा कि पुलिस ने कहा कि उसके पास कोई शिकायत नहीं आई है जबकि उनने रजिस्टर पोस्ट से भी ये शिकायत पुलिस को भेजी थी और मंडी पुलिस ने भी उनकी शिकायत को ऊना पुलिस को भेजा था।
अब परसों यानी 27 तारीख को मामले की अगली सुनवाई है।
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