शिमला। सरकार  के  ढीले इंतजामों के बीच स्‍वाइन फ्लू ने प्रदेश में आज बुधवार  तक आठ लोगों की जान ले ली है। पूरे देश में स्‍वाइन फलू  से मचे कोहराम केबावजूदप्रदेश सरकार  समय पर नहीं जागी औरअब जाकर मंगलवार 25 फरवरी को  हेल्‍पलाइन जारी  की  और आज 26 तारीख को डाक्‍टरों  व बाकी स्‍टाफ की छुटिटयां  रदद की गई है। लेकिन अब तक आठ लोगों की लाशें गिर चुकी है और  मौतों का सिलसिला जारी है।हेल्‍पलाइन नंबर 0177-2628151 है। लेकिन ये भी सुबह 10 बजे से सांय 5बजे तक ही चलेगा। जबकि कायदे से ये नबंर सुबह आठ बजे से रात के  10 बजे तक चालू  होना चाहिए था।लेकिन स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री कौल सिंह  की कमान में सब सरकारी ढर्रे पर चल रहा है।

राजधानी में मंगलवार को उन्‍होंने इस मसले पर आयोजित एक संवाददाता सम्‍मेलन में जब पत्रकारों  ने हेल्‍पलाइन जारी करने में देरी करने को लेकर सवाल पूछास तो उनका जवाब था कि अब ही शुरू की जानी थी। हेल्‍पलाइन जारी होने पर मीडिया को ध्‍न्‍यवाद करना जारी  है।स्‍वाइन फ्लू का सबसे ज्‍यादा खतरा स्‍कूलों व शिक्षण संस्‍थानों  में है जहां पर छात्रों की बड़ी भीड़  है। सरकार इन शिक्षण  संस्‍थानों  के लिए अब काम करने जा रही है।यहां पर काम करने की जिम्‍मेदारी स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं को दी जा रही है  जबकि ये सारे इंतजाम पंद्रह दिन पहले हो जाने चाहिए थे। जिन आठ लोगों  की मौत हुई है वो सरकारी अस्‍पतालों का आंकड़ा है निजी अस्‍पतालों में क्‍या हो  रहा है ये किसी को पता नहीं है। वहां टेस्‍ट  के इंतजाम हैभी या नहीं सरकार  ये भी नहीं बता रही है। प्रदेश में आईजीएमसी और टांडा में ही टेस्‍ट की सुविधा है।आइसोलेशन वार्ड इन दो अस्‍पतालों के  अलावा  और कहां कहां हैये भी किसी को पता नहीं है।मंत्री अब जाकर अफसरों  की बैठकं करने लगे है।

 

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर में लोगों को स्वाइन फलू से बचाव व सावधानियों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान छेड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को और अधिक कारगर बनाने के लिए प्रदेश के सभी उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को एच1एन1 वायरस सेे बचाव व सावधानियों के प्रति शिक्षित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं  को शिक्षण संस्थानों में जाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त स्वाइन फलू के लक्षणों एवं सावधनियों व सामान्य बुखार से इसके अन्तर को स्पष्ट करने वाले पोस्टर प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों, स्कूलों, पटवार केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और पुलिस थानों इत्यादि में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में भी स्वाइन फलू के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला को क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। सरकार ये  सब अबकर रहीहै जबकि स्‍वाइन फलू ने पिछले एक महने से ज्‍यादा समय से देशभरमें हाहाकार मचा रखा है।उस समय न सरकार जागी और न ही उसके अफसर।अब जाकर  कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फलू पर पूरी तरह नियंत्रण कर लेने तक सभी चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की छुटिटयां रद्द कर दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक स्वाइन फलू से पीडि़त 19 रोगी उपचार उपरांत पूर्ण स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक स्वाइन फलू के 130 संदिग्ध व्यक्तियों के परीक्षण किए गए जिसमें से 35 मामले पाजिटिव पाए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.सी. धीमान, निदेशक स्वास्थ्य डा. राकेश शर्मा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक श्री हंसराज शर्मा, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थि थे। -0-